दोहा – 01 धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय, माली सींचे सौ घड़ा, ॠतु आए फल होय। …
और पढ़ेंसंत कबीर का जन्म संवत 1455 की ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था। इसलिए हिन्दू कैलेंड…
और पढ़ेंएक बार कबीरदास जी के गुरू ने कबीर दास जी से कहा पितर का समय है, हम भी पितर को भोजन करवाएंग…
और पढ़ेंसंत कबीरदासजी का जब काशी में वास था,तो एक बार एक राजा बहुत …
और पढ़ेंगुरु गोरखनाथ कबीर के समकालीन एक सिद्ध पुरुष थे| उन्हें अपने ज्ञान पर बहुत अहंकार था | वे…
और पढ़ेंन काहू से वैर कबीर न किसी के दोस्त थे,न दुश्मन | उनके लिए सब उनके अपने थे| क्योंकि उन्हें …
और पढ़ेंकबीर के घर रात - दिन साधु -सन्तों का जमघट लगा रहता था उनके सेवा -सत्कार के…
और पढ़ेंकबीर जी ने गुरु को हमेशा भगवान से ऊंचा दरजा दिया | तभी तो वे क…
और पढ़ेंयह शरीर खेत की तरह है और मन किसान की तरह | इसमें पाप और पूण्य दो बीज हैं | आप इस खेत में जो ब…
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